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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने के कारण पैरों से हृदय तक रकà¥à¤¤ संचार करने वाली नसों पर दबाव पड़ता है। इससे रकà¥à¤¤ परिसंचार में समसà¥à¤¯à¤¾ आ सकती है जिस कारण पैरे में दरà¥à¤¦ होने लगता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ आपके पैरों की मांसपेशियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• करता है जोकि पैर दरà¥à¤¦ या पैरों में à¤à¤‚ठन का कारण बनते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पैरों में दरà¥à¤¦ रहने के कारण :-
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं होता है की हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पैरों में दरà¥à¤¦ होने का à¤à¤• ही कारण हो। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पैरों में दरà¥à¤¦ रहने का कोई à¤à¤• कारण नहीं होता है। बलà¥à¤•ि à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से कारण होते हैं जिनकी वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पैरों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी: पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटैशियम, विटामिनà¥à¤¸ वॠअनà¥à¤¯ मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार का सेवन करने से सलाह दी जाती है। लेकिन यदि महिला à¤à¤¸à¥‡ आहार का सेवन करती है जिसमे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी होती है। तो इसके कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के शरीर में कमजोरी आ जाती है जिसके कारण महिला को पैरों के साथ शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक हो सकती है।
खून की कमी: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिला वॠबचà¥à¤šà¥‡ दोनों के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठबॉडी में खून की कमी नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ लेकिन यदि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में खून की कमी होती है तो इस कारण बॉडी में बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ अचà¥à¤›à¥‡ से नहीं होता है, शरीर में थकान वॠकमजोरी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक होती है। जिसकी वजह से महिला के पैरों में दरà¥à¤¦ होता है।
सूजन होने के कारण: पैरों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ होना पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आम बात होती है खासकर महिला को तीसरी तिमाही में यह समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक हो सकती है। और जिन महिलाओं को पैरों में सूजन होती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पैरों में सूजन के साथ दरà¥à¤¦ à¤à¥€ महसूस हो सकता है।
नसों पर दबाव: गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¨à¥‡ के कारण पैरों की और जाने वाली नसों पर दबाव बॠजाता है। जिसके कारण पैरों तक बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ होने में रà¥à¤•ावट पैदा होने लगती है। और पैरों तक बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ अचà¥à¤›à¥‡ से न हो तो इस वजह से महिला को पैरों में दरà¥à¤¦ अधिक महसूस हो सकता है।
वजन: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन बà¥à¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ बात होती है लेकिन वजन बà¥à¤¨à¥‡ के कारण महिले की पूरी बॉडी का दबाव पैरों पर आ जाता है। और पैरों पर अधिक दबाव पड़ने के कारण महिला को पैरों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
पानी की कमी: यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो इस कारण à¤à¥€ महिला को पैरों में दरà¥à¤¦ के साथ शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
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